वक्त का एक कतरा
वक्त का एक कतरा दर्द को अपने मे समाये हुए समय की हथेली पे ठहेरा बस गिरने को है हाथों से
अगले पल की चौखट पे खड़ी मैं सोचती रह गई कि फिसलने दूँ हाथों से या संजो लूं पलको में वक्त का वो कतरा…
वक्त का एक कतरा दर्द को अपने मे समाये हुए समय की हथेली पे ठहेरा बस गिरने को है हाथों से
अगले पल की चौखट पे खड़ी मैं सोचती रह गई कि फिसलने दूँ हाथों से या संजो लूं पलको में वक्त का वो कतरा…